लालकिला धमाके की जांच में बड़ा खुलासा, विस्फोटक शहर से जुड़ा कार का लिंक
देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 24 घायल हो गए. वहीं अब जांच में एक-एक करके चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस कार में ब्लास्ट हुआ है, उसका 20 सितंबर को फरीदाबाद में चालान कटा है. विस्फोट एक चलती हुंडई आई20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे.
दिल्ली पुलिस ने उस कार के मालिक को हिरासत में लिया है, जिसमें लाल किले के पास विस्फोट हुआ था. पुलिस ने कार के मालिक, मोहम्मद सलमान को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया है. अधिकारी ने बताया कि सलमान ने अपनी कार ओखला के एक व्यक्ति को बेची थी. कार उसके नाम पर पंजीकृत थी और उस पर हरियाणा की पंजीकरण संख्या थी.
विस्फोट में आठ लोगों की मौत
इस विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए. यह विस्फोट उस समय हुआ जब शाम को इलाके में लोगों की भीड़ थी. घायलों को पास के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में व्यस्त समय में हुए विस्फोट के कारण आसपास मौजूद कई वाहन जलकर खाक हो गए, जबकि कई गाड़ियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए. उन्होंने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया.
हुंडई आई20 कार में हुआ विस्फोट
दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें कुछ लोग सवार थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, विस्फोट एक चलती हुंडई आई20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे. हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर नहीं मिला है, जो विस्फोट में असामान्य है. हम सभी एंगल से जांच कर रहे हैं.
पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार नदीम खान नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी और उस पर हरियाणा की नंबर प्लेट लगी हुई थी. अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि शहर की सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वाहनों की जांच तेज कर दी गई है.
फरीदाबाद से विस्फोटक बरामद
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 2910 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था. बता दें कि जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में इस साजिश का पर्दाफाश किया गया और विस्फोटक के साथ-साछ अन्य हथियार बरामद किए गए. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवत-उल-हिंद मिलकर देश को दहलाने की साजिश कर रहे थे. फरीदाबाद के धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब ने किराये पर दो जगह कमरा व मकान लेकर ये विस्फोटक छुपाया था. मुसैब को पुलिस टीम ने 30 अक्टूबर को अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया था.
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